➤ बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव बाद EVM निरीक्षण की दी अनुमति
➤ दो महीने के भीतर जांच पूरी करेगा चुनाव आयोग
➤ 16-17 अप्रैल को मुंबई में होगा डायग्नोस्टिक चेक
भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार Bombay High Court ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच और निरीक्षण की अनुमति देकर एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरेसन की अदालत की ओर से दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही औपचारिक आदेश जारी होगा, Election Commission of India को दो महीने के भीतर मशीनों का निरीक्षण पूरा करना होगा।
यह मामला कांग्रेस वर्किंग कमेटी के आमंत्रित सदस्य और पूर्व महाराष्ट्र मंत्री Naseem Khan द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। प्रतिवादी पक्ष में चांदीवली सीट से विजयी विधायक Dilip Lande शामिल हैं। 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में लांडे ने नसीम खान को हराया था।
याचिकाकर्ता ने इसे भारतीय चुनावी व्यवस्था में एक “ऐतिहासिक न्यायिक हस्तक्षेप” बताया है। उनके अनुसार, अब तक चुनाव परिणाम आने के बाद उम्मीदवारों और अधिकारियों की मौजूदगी में EVM की तकनीकी जांच का ऐसा आदेश कभी नहीं दिया गया था।
मुंबई उपनगर की डिप्टी रिटर्निंग ऑफिसर अर्चना कदम ने जानकारी दी है कि 16 और 17 अप्रैल को मुंबई में EVM निर्माता Bharat Electronics Limited की टीम मशीनों का केवल “डायग्नोस्टिक चेक” करेगी।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले का भी हवाला दिया गया है, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की 5% EVM यूनिट्स की बर्न्ट मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर जांच का प्रावधान बताया गया था।



